रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर लौटते ही संकेत दिया कि राज्य में कैबिनेट विस्तार अब ज्यादा दूर नहीं है। नई दिल्ली में दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठकों और मुलाकातों के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने मतांतरण, माओवाद, और विकास योजनाओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
कैबिनेट में जल्द होंगे नए चेहरे, दो पद हैं रिक्त
साय ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर संक्षिप्त लेकिन साफ संकेत देते हुए कहा, “इंतजार कीजिए, बहुत जल्द होगा।” वर्तमान में उनकी कैबिनेट में दो मंत्री पद खाली हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
जबरन मतांतरण पर कड़ा संदेश, कानून लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे जबरन धर्मांतरण को “छत्तीसगढ़ पर कलंक” बताते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है और इस लड़ाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल की दो ननों को दुर्ग में मतांतरण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें एनआईए कोर्ट से जमानत मिल गई।
पीएम से लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मिले, विकास योजनाओं पर हुई बात
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात की।
साय ने बताया कि नितिन गडकरी ने छत्तीसगढ़ के लिए 7000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं डॉ. मंडाविया ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में इसे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के रूप में आयोजित करने का आश्वासन दिया।
अमृत रजत महोत्सव में शामिल होंगे प्रधानमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर 15 अगस्त 2025 से 21 मार्च 2026 तक अमृत रजत महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को औपचारिक निमंत्रण दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
माओवाद पर कार्रवाई जारी, जल्द मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से माओवाद अब अंतिम दौर में है, और जल्द ही इससे राज्य को पूरी तरह मुक्ति मिल सकती है।
दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बयानों और बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बड़े फैसले जल्द लिए जाएंगे। कैबिनेट विस्तार, मतांतरण विरोधी कानून, और विकास परियोजनाएं अब सरकार की प्राथमिकता में हैं।







