कैथोलिक कहा, हिंदू नहीं? प्रियंका गांधी की प्रतिक्रियाओं में दिखा अंतर

Madhya Bharat Desk
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं। आलोचकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार ननों के मामले में उन्होंने उनकी “कैथोलिक” पहचान पर जोर दिया, जबकि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए श्रद्धालुओं को केवल “भारतीय नागरिक” कहा, न कि “हिंदू”।

छत्तीसगढ़ में हुई घटना में, पुलिस द्वारा कुछ कैथोलिक ननों को कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन के संदेह में हिरासत में लिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि “यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर एक गंभीर हमला है” और पीड़ितों की “कैथोलिक” पहचान को रेखांकित किया।

दूसरी ओर, पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हिंदू तीर्थयात्रियों को निशाना बनाया गया, जिनमें कई की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए, प्रियंका गांधी ने पीड़ितों को “भारतीय” बताया, जिससे कुछ वर्गों में यह प्रश्न उठने लगा कि उन्होंने यहां धार्मिक पहचान क्यों नहीं बताई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भाषा की रणनीति का मामला हो सकता है, जहाँ धार्मिक पहचान को उजागर करने या न करने का सीधा प्रभाव सामाजिक व राजनीतिक संदेश पर पड़ता है।

भाजपा नेताओं और कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे “चयनात्मक संवेदनशीलता” करार दिया है। उनका आरोप है कि कांग्रेस और उसके नेता धार्मिक पहचान का ज़िक्र अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार करते हैं।

हालाँकि, कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी का उद्देश्य सभी भारतीयों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

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