अमेरिका ने ईरानी तेल पर फिर लगाई रोक, तेहरान बोला- बातचीत से सुलझाएंगे संकट

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालिया संघर्षविराम के बाद अमेरिका ने एक बार फिर ईरानी कच्चे तेल के निर्यात पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस्राइल और ईरान के बीच 12 दिनों की जंग के बाद युद्ध विराम हुआ था, लेकिन अब अमेरिका की यह कार्रवाई वैश्विक ऊर्जा समीकरणों पर असर डाल सकती है। वॉशिंगटन ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े कई व्यवसायियों और कंपनियों पर पाबंदी लगाई है। वहीं, तेहरान ने कूटनीतिक हल निकालने की बात कही है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सख्त कार्रवाई बताया जा रहा है कि अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान के ऊर्जा तंत्र को निशाना बनाने वाली पहली बड़ी कार्रवाई है। अमेरिका के वित्त विभाग ने इराकी कारोबारी सलीम अहमद सईद और UAE की उनकी कंपनी पर ईरानी तेल की अवैध तस्करी का आरोप लगाया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के नेताओं ने शांति का रास्ता छोड़कर कट्टरता को अपनाया, और अब वे अपने ही फैसलों का परिणाम भुगत रहे हैं।

ईरान बोला- ओमान और कतर के जरिए बातचीत जारी ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने कहा कि तेहरान अमेरिका से बातचीत के लिए कतर और ओमान के माध्यम से अप्रत्यक्ष संपर्क में है। उन्होंने चेताया कि कूटनीति को धोखे या मनोवैज्ञानिक दबाव के औजार के रूप में नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

तेहरान की आमदनी पर वार जारी रखेगा अमेरिका स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए उसके राजस्व स्रोतों पर हमला करता रहेगा। इससे ईरान में अस्थिरता को बढ़ावा मिलेगा और उसकी आंतरिक स्थिति बिगड़ेगी। ट्रंप सरकार की ओर से पहले इस बात के संकेत दिए गए थे कि प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, लेकिन अब उलटा रुख दिखा है।

ट्रंप ने की थी सीजफायर की घोषणा 24 जून को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच संघर्षविराम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह युद्ध 24 घंटे के भीतर पूरी दुनिया के सामने आधिकारिक रूप से खत्म हो जाएगा और शांति बहाल होगी। लेकिन अब अमेरिका का रुख एक बार फिर कठोर हो गया है।

खामनेई की चेतावनी संघर्षविराम के कुछ ही दिनों बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान ने अमेरिका को “चेहरे पर तमाचा मारा है” और भविष्य में कोई भी हमला हुआ तो उसका जवाब कड़ा होगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment