पुरी, ओडिशा | ओडिशा के पुरी में आज से 12 दिवसीय ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव की शुरुआत हो रही है। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को गर्भगृह से बाहर लाने की प्रक्रिया में करीब तीन घंटे का समय लगेगा। इसके बाद सभी देवताओं का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और उन्हें खिचड़ी भोग अर्पित किया जाएगा। इस दौरान दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।
शाम 4 बजे के बाद रथ यात्रा आगे बढ़ेगी, जब तीनों रथों को भक्तों द्वारा खींचा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतज़ाम किए हैं, एनडीआरएफ और विशेष दस्तों सहित 10 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है।
रथ निर्माण में खास योगदान:
इस बार रथ बनाने के लिए 206 कारीगरों ने मिलकर 814 लकड़ियों के टुकड़ों से शानदार रथ तैयार किए हैं। ये रथ पारंपरिक शैली और अनूठी कारीगरी के प्रतीक हैं। रथ बनाने का काम 58 दिन में पूरा हुआ।
148वीं रथ यात्रा:
यह 148वीं पारंपरिक रथ यात्रा है, जिसमें पुरानी परंपराओं के अनुसार हर रस्म निभाई जाती है।
बंगाल से श्रद्धालुओं की भारी भीड़:
पश्चिम बंगाल से लगभग साढ़े तीन लाख श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। रेलवे ने 230 विशेष ट्रेनें चलाई हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।



