कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आयोग 1987 से 2004 के बीच जन्मे नागरिकों से उनके माता-पिता का जन्म प्रमाणपत्र मांगकर गुप्त रूप से एनआरसी लागू करने की साजिश रच रहा है। ममता ने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ खतरनाक हमला” बताया और भाजपा पर चुनाव आयोग के जरिए षड्यंत्र चलाने का आरोप लगाया।
दीघा में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग की ओर से दो विस्तृत पत्र मिले हैं, जिनमें नागरिकों को घोषणापत्र (Annexure D) भरने का निर्देश दिया गया है। ममता ने सवाल उठाया कि यह प्रक्रिया किसके इशारे पर शुरू की गई है और क्या यह बंगाल के मतदाताओं को डराने का प्रयास है?
“यह तो एनआरसी से भी आगे की साजिश लग रही है,” ममता ने कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह प्रक्रिया भाजपा शासित राज्यों में नहीं लागू हो रही है क्योंकि वहां चुनाव निकट हैं। उन्होंने कहा, “इनका असली निशाना बंगाल है – खासकर गरीब, प्रवासी, ग्रामीण और अशिक्षित मतदाता।”
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, “आज देश एक आरएसएस प्रचारक के इशारे पर चल रहा है।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र नहीं रहा, वह भाजपा का एक राजनीतिक औजार बन चुका है।
ममता ने सभी विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस छिपे हुए एनआरसी मॉडल का विरोध करें और जनता को जागरूक करें।



