हैदराबाद। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस के बाहर पहली बार राफेल लड़ाकू विमान के M88 इंजन का रखरखाव (मेंटेनेंस) भारत में किया जाएगा। इस कार्य के लिए सफरन एयरक्राफ्ट इंजन कंपनी ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को चुना है। कंपनी यहां एक अत्याधुनिक MRO (Maintenance, Repair, and Overhaul) केंद्र स्थापित कर रही है, जो सालाना 600 से अधिक इंजन मॉड्यूल की मेंटेनेंस करने में सक्षम होगा।
इससे न सिर्फ भारत की एयरोस्पेस क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि 2040 तक 150 नई नौकरियों का भी सृजन होगा।
भारत की सैन्य संप्रभुता को मिलेगा बल
सफरन एयरक्राफ्ट इंजन के मिलिट्री इंजन विभाग के कार्यकारी उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ ब्रूनो ने कहा कि यह केंद्र भारत की रक्षा स्वायत्तता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय वायुसेना समेत अन्य देशों के M88 इंजन ऑपरेटरों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
हैदराबाद बनेगा M88 इंजन रखरखाव का वैश्विक हब
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह फ्रांस के बाहर पहला ऐसा केंद्र होगा जहां राफेल इंजन के मॉड्यूल का मेंटेनेंस होगा। इससे भारत M88 इंजन निर्यात के लिए एक प्रमुख सपोर्ट हब बन जाएगा।



