फाल्कन 9 रॉकेट ने शुभांशु शुक्ला सहित अंतरिक्ष यात्रियों को पहुंचाया अंतरिक्ष, 8 मिनट में धरती पर लौटा

admin
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नई दिल्ली।

स्पेसएक्स द्वारा विकसित फाल्कन 9 रॉकेट ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित चार सदस्यीय दल को अंतरिक्ष में भेजने के बाद यह रॉकेट मात्र 8 मिनट में धरती पर सुरक्षित लौट आया। यह मिशन Axiom-04 के तहत अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था।

इस रॉकेट के साथ गए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने चारों अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरी है, जहां यह 28 घंटे बाद डॉक करेगा। मिशन का सफल प्रक्षेपण भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे हुआ, जबकि फाल्कन 9 का रिटर्न स्टेज पृथ्वी पर वापसी के बाद फ्लोरिडा में सुरक्षित लैंड कर गया।

 क्या है खास फाल्कन 9 में?

एलन मस्क की कंपनी SpaceX द्वारा निर्मित फाल्कन 9 दुनिया का पहला ऑर्बिटल-क्लास रीयूजेबल रॉकेट है। इस रॉकेट में 9 मर्लिन इंजन लगे हैं, जो केरोसिन और लिक्विड ऑक्सीजन से संचालित होते हैं। इसका पहला स्टेज पूरी तरह से पुनः उपयोग योग्य है और यह हर मिशन के बाद धरती पर सुरक्षित लौटता है।

कैसे होता है रॉकेट का काम?

रॉकेट दो हिस्सों में विभाजित होता है—पहला हिस्सा रीयूजेबल और दूसरा हिस्सा एकबारगी प्रयोग के लिए होता है। जैसे ही रॉकेट एक निर्धारित ऊंचाई तक पहुंचता है, यह क्रू कैप्सूल (ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट) को अलग कर देता है और फिर यह रॉकेट का पहला स्टेज वापस फ्लोरिडा लौट आता है।

ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट का ISS पहुंचने का समय:

ड्रैगन कैप्सूल को 28 घंटे की यात्रा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से गुरुवार की शाम 4 बजे (अमेरिका में सुबह 7 बजे) डॉक करने का अनुमान है।

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