नई दिल्ली। भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है। अमेरिका ने हाल ही में अपनी महिला नागरिकों के लिए एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए भारत में अकेले यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। इस एडवाइजरी में भारत में बढ़ते यौन शोषण, रेप, हिंसा और सामाजिक असुरक्षा को कारण बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है और स्थानीय प्रशासन महिलाओं को पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल साबित हो रहा है।
“बेटी बचाओ” जैसे सरकारी अभियान ज़मीनी हकीकत में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं। आंकड़े और घटनाएं यह दर्शा रही हैं कि महिलाओं की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार की ओर से किए गए सुरक्षा दावों का क्या असर हुआ?
इसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब माँगा जा रहा है — “मोदी सरकार जवाब दे, महिलाएं कब सुरक्षित होंगी?”
इस तरह की अंतरराष्ट्रीय चेतावनी भारत की छवि के लिए भी एक बड़ा सवाल बनकर सामने खड़ी हो रही है। क्या सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगी या फिर यह भी एक चुनावी जुमला बनकर रह जाएगा?



