ब्रिटेन की नई रक्षा नीति में रूस को सबसे बड़ा खतरा, चीन को बताया रणनीतिक चुनौती
लंदन:दुनिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच ब्रिटेन ने अपनी 10 वर्षीय रक्षा योजना की समीक्षा रिपोर्ट सार्वजनिक की है, जिसमें रूस को सबसे बड़ा खतरा और चीन को एक जटिल रणनीतिक चुनौती बताया गया है। यह रिपोर्ट पूर्व नाटो महासचिव लॉर्ड जॉर्ज रॉबर्टसन की अध्यक्षता में तैयार की गई है और इसमें सैन्य आधुनिकीकरण, रणनीतिक साझेदारी और नवाचार पर बल दिया गया है।
130 पन्नों की रिपोर्ट में अहम खुलासे
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन कई बार रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों के साथ सहयोग की मंशा जाहिर कर चुका है, जिससे यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक जटिल चुनौती बन चुका है। वहीं रूस को एक सीधा और सक्रिय खतरा माना गया है, खासकर यूक्रेन में जारी युद्ध और यूरोप की सुरक्षा नीति पर उसके प्रभाव को देखते हुए।
ब्रिटिश सेना के आकार और तैयारियों पर उठे सवाल
रक्षा समीक्षा में ब्रिटिश सेना के वर्तमान आकार और क्षमताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। यूरोपीय संघ की वरिष्ठ राजनयिक काजा कालास ने भी इस समीक्षा से पहले चेतावनी दी थी कि रूस-चीन गठबंधन आने वाले दशकों में वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है।
हथियार निर्माण के लिए छह नई फैक्ट्रियों की घोषणा
ब्रिटेन सरकार ने छह नई हथियार और विस्फोटक निर्माण फैक्ट्रियां स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही डिजिटल टार्गेटिंग सिस्टम में एक बिलियन पाउंड से अधिक का निवेश किया जाएगा। ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हेली ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने हमें यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्ध तकनीकी क्षमता और नेटवर्किंग पर आधारित होंगे।
डिजिटल युद्ध प्रणाली और नवाचार पर जोर
हेली ने यह भी कहा कि ब्रिटिश सेना को अब जहाजों, विमानों और टैंकों के बीच रीयल-टाइम कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिससे वे अधिक प्रभावशाली तरीके से और तेज़ी से कार्रवाई कर सकेंगे। यह रिपोर्ट आने वाले समय में ब्रिटेन की विदेश और रक्षा नीति के स्वरूप को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



