छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी इन दिनों एक विवाद को लेकर सुर्खियों में है। मामला एक साधारण बहस से शुरू होकर अब धमकी और पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है, जिससे यूनिवर्सिटी का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है, जब कुछ बाहरी युवक यूनिवर्सिटी के फिजिकल एजुकेशन ग्राउंड में अभ्यास करने के लिए पहुंचे। उसी दौरान वहां मौजूद प्रोफेसर राजीव चौधरी ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए ग्राउंड के उपयोग से रोक दिया। उनका कहना था कि बिना अनुमति किसी भी बाहरी व्यक्ति को ग्राउंड इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई। प्रोफेसर के अनुसार, युवकों ने कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश की, जिस पर उन्होंने सख्ती दिखाते हुए साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन हुआ तो FIR दर्ज कराई जाएगी।
मामला तब और गरमा गया जब इस घटना का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में प्रोफेसर गुस्से में नजर आ रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि पूरी घटना नहीं दिखाई गई, जिससे स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया।
वायरल वीडियो के बाद स्थिति और बिगड़ गई। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने प्रोफेसर को जान से मारने तक की धमकियां दे दीं। इसे गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नया नियम लागू कर दिया है। अब कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन और शुल्क के ग्राउंड का उपयोग नहीं कर सकेगा। प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ समय से ग्राउंड में शराब की बोतलें, कांच और अन्य आपत्तिजनक चीजें मिल रही थीं, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा था।
यह विवाद अब सिर्फ एक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था, नियमों के पालन और सिस्टम की मजबूती से जुड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले समय में प्राइवेट ट्रेनिंग और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।



