विरुधुनगर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने 16 मजदूरों की जिंदगी छीन ली। यह हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सेकंड में काम कर रही फैक्ट्री चीख-पुकार और धुएं के गुबार में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद लगातार कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मृतकों में ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जो रोज की तरह अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी कमाने आए थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों की आंखों के सामने दर्दनाक मंजर था कहीं घायल मदद के लिए पुकार रहे थे, तो कहीं परिजन अपनों को ढूंढते नजर आए।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती आशंका है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही इस बड़े हादसे की वजह हो सकती है।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है क्या मजदूरों की जान इतनी सस्ती है कि हर बार ऐसे हादसे होते रहें और जिम्मेदार सिर्फ जांच के भरोसे छूट जाएं?



