पवन खेड़ा का तीन पासपोर्ट आरोप उल्टा पड़ा, क्या कांग्रेस के लिए हो जाएगी आत्मघाती?

Madhya Bharat Desk
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असम की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा विवाद सामने आया है, लेकिन यह मामला अब कांग्रेस के लिए ही भारी पड़ता नजर आ रहा है। पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों ने जहां शुरुआत में हलचल मचाई, वहीं अब इन्हीं दावों पर सवाल उठने लगे हैं, जिससे कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।

दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट रखने का गंभीर आरोप लगाया था। खेड़ा ने इसे आज़ाद भारत की राजनीति का सबसे बड़ा खुलासा बताते हुए कहा कि उनके पास ऐसे दस्तावेज़ हैं जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

हालांकि, यह मामला जल्दी ही पलटता हुआ दिखा। मुख्यमंत्री सरमा और उनकी पत्नी दोनों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरमा ने इसे कांग्रेस की “हताशा” करार देते हुए पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराने की बात कही है। वहीं रिनिकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस द्वारा पेश किए गए दस्तावेज़ों को फर्जी और फोटोशॉप बताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना ठोस और प्रमाणित सबूत के इस तरह के गंभीर आरोप लगाना कांग्रेस के लिए उल्टा पड़ सकता है। खासकर तब, जब विपक्ष खुद ही अपने दावों को साबित नहीं कर पाता। इससे पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और जनता के बीच उसकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। पवन खेड़ा का यह बयान असम चुनाव में कांग्रेस के लिए आत्मघाती हो सकती है।

इस पूरे विवाद में अब मुद्दा केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कांग्रेस की रणनीति और उसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अगर आने वाले दिनों में कांग्रेस अपने आरोपों को पुख्ता तरीके से साबित नहीं कर पाती, तो यह मामला असम ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी के लिए सियासी नुकसान का कारण बन सकता है।

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