रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड ने एक बार फिर निर्णायक मोड़ ले लिया है। लंबे समय से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब न्याय की घड़ी बेहद करीब नजर आ रही है। हाईकोर्ट ने साफ संकेत दे दिया है कि अब इस केस में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से पेश वकील ने अतिरिक्त समय की मांग की, लेकिन अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए सिर्फ एक दिन की ही मोहलत दी। इसके साथ ही कोर्ट ने 2 अप्रैल को अंतिम सुनवाई की तारीख तय कर दी है।
गौरतलब है कि साल 2003 में रायपुर में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, इस मामले में अमित जोगी को पहले बरी कर दिया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद केस को दोबारा खोला गया और अब इसकी पुनः सुनवाई चल रही है।
ऐसे में 2 अप्रैल की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है। सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि आखिर इस चर्चित केस में अदालत का अंतिम फैसला क्या दिशा लेता है। यह फैसला न सिर्फ इस मामले के लिए, बल्कि राज्य की न्याय व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।



