रायपुर। राजधानी रायपुर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए महापौर मीनल चौबे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 2131.75 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में शहर के हर वर्ग—महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों—को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है।
सदन में बजट पेश करते हुए मीनल चौबे ने आय-व्यय का पूरा ब्यौरा रखा और शहर को स्मार्ट, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कई बड़े फैसले सामने रखे।
बजट की बड़ी घोषणाएं
- शहर की कामकाजी महिलाओं के लिए पंडरी और नरैया तालाब क्षेत्र में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाए जाएंगे।
- शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब 140 लाख रुपये की लागत से 268 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- युवाओं के लिए नालंदा परिसर की तर्ज पर मॉडर्न लाइब्रेरी और यूथ हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
- शंकर नगर और डूमरतराई में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट विकसित किया जाएगा, जिसके लिए नगर निगम 100 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा।
- शहर में पार्किंग समस्या से निपटने के लिए नगर निगम मुख्यालय और पंडरी में ऑटोमैटिक पार्किंग सिस्टम तैयार किया जाएगा।
- महिलाओं के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से “महिला शांति गृह” स्थापित किया जाएगा, जहां उनके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक सशक्तिकरण पर काम होगा।
- रायपुर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए खारुन महोत्सव की शुरुआत की जाएगी और हर साल आयोजन होगा।
- बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर महिलाओं के लिए वेंडिंग जोन बनाया जाएगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।
- शहीद स्मारक परिसर में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई जाएगी।
- शहर की सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की लागत से रोबोटिक सक्शन मशीन खरीदी जाएगी।
- फुंडहर क्षेत्र में गौधाम का निर्माण किया जाएगा।
- शहर के हर जोन में दो-दो उद्यानों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
- हर वार्ड में जरूरतमंदों के लिए बर्तन बैंक स्थापित किया जाएगा।
क्या है बजट का फोकस?
इस बजट में साफ तौर पर महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर रायपुर को एक नई पहचान देने की कोशिश भी दिखाई देती है।







