भोपाल। मध्यप्रदेश के कई शहरों और कस्बों में इन दिनों रसोई गैस की कमी को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों पर लोगों को सिलेंडर पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि गैस बुकिंग के लिए एक ही समय में बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन कोशिश कर रहे हैं, जिससे कई बार सर्वर तक ठप हो जा रहा है।
इस स्थिति को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता गैस के लिए लाइन में खड़ी है, तब सरकार का यह कहना कि “किसी तरह की किल्लत नहीं है”, वास्तविकता से आंखें मूंदने जैसा है।
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में लोग एक सिलेंडर के लिए घंटों धूप में इंतजार कर रहे हैं और कई जगहों पर सिलेंडर मिलने में कई-कई दिनों की देरी हो रही है। उनके मुताबिक यह स्थिति बताती है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर कमी है।
उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अगर वास्तव में गैस की कोई कमी नहीं है, तो एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें और लोगों की शिकायतें किस ओर इशारा कर रही हैं। उनका कहना है कि किसी भी जिम्मेदार सरकार का कर्तव्य होता है कि वह समस्या को स्वीकार करे और उसके समाधान के लिए तुरंत कदम उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब जनता रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान हो, तब केवल बयान देकर स्थिति को सामान्य बताना संवेदनशील शासन का संकेत नहीं है। उनके अनुसार सरकार को जमीनी हालात समझते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों की परेशानी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रदेश में गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाती है और जनता को राहत कैसे मिलती है।







