रायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेस-4 और जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में स्वीकृत करीब 2500 करोड़ रुपये की निविदाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ठेकेदार सुनील अग्रवाल पर टेंडर माफिया के रूप में काम करने के आरोप लगे हैं, वहीं प्रभारी प्रमुख अभियंता केके कटारे पर अपने बालाघाट के करीबी ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि ओमाया रिसॉर्ट में आयोजित केके कटारे की शादी की सालगिरह के दौरान ही इन विशाल निविदाओं की पूरी प्लानिंग की गई। इसके बाद जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की निविदाओं में शर्तों से छेड़छाड़ कर चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया।
इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 में जारी निविदाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को शिकायत पत्र भेजते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ननकीराम कंवर का आरोप है कि भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों की सड़कों के विकास के लिए स्वीकृत 2500 करोड़ रुपये की राशि में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एनआईटी क्रमांक 1076, 1077, 1078, 1079, 1080, 1081 और 1082 के तहत जारी निविदाओं की शर्तों में जानबूझकर ऐसी गड़बड़ियां की गईं, जिससे कुछ चुनिंदा कंपनियों को लाभ मिल सके।
कंवर के अनुसार, मेसर्स हिलको प्रोजेक्ट लिमिटेड, मेसर्स सुनील अग्रवाल और मेसर्स रत्ना खनिज प्राइवेट लिमिटेड को अघोषित साझेदारी के माध्यम से फायदा पहुंचाने की तैयारी की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभारी प्रमुख अभियंता केके कटारे पहले भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में विवादों में घिर चुके हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते जांच आगे नहीं बढ़ पाई।
चूंकि यह मामला सीधे तौर पर आदिवासी क्षेत्रों के विकास और सार्वजनिक धन से जुड़ा है, इसलिए ननकीराम कंवर ने पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भाजपा एसटी मोर्चा ने भी किया समर्थन
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र साहला ने भी ननकीराम कंवर के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर PMGSY फेस-4 की निविदाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।
बिल्डर्स एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
वहीं बिल्डर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रायपुर सेंटर के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने भी महानिदेशक एनआरआईडीए से शिकायत करते हुए कहा है कि एनआईटी 1076 से 1082 तक जारी निविदा दस्तावेजों में कई तकनीकी विसंगतियां हैं, जो राष्ट्रीय खरीद मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है।






