जांजगीर-चांपा में सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत, रक्तदान कर दिया गया जीवन बचाने का संदेश

Madhya Bharat Desk
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जांजगीर-चांपा जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सी मार्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पुलिस प्रशासन ने रक्तदान शिविर आयोजित कर सड़क सुरक्षा को लेकर सकारात्मक और मानवीय संदेश दिया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, पुलिस जवानों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने रक्तदान कर सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत की। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और कलेक्टर जनमेजय महोंबे ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के गांव-गांव, बाजारों और चौक-चौराहों पर जाकर लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देगा।

पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार हर वर्ष सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी पूरे जनवरी माह में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना है। जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने जैसे विषयों पर समझाइश दी जाएगी।

इस अवसर पर एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसमें अधिकांश पीड़ित युवा वर्ग से हैं। सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में एक बाइक पर तीन सवारी, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न पहनना, शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज रफ्तार शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। साथ ही एनएच-49 से जुड़े गांवों में घायलों को त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए सड़क सुरक्षा मितान योजना की जानकारी भी दी।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने 37वें सड़क सुरक्षा माह में जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि स्कूल, कॉलेज और सड़क किनारे बसे गांवों के लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए स्थानीय मितानों से सतत संपर्क बनाए रखने की बात कही और जिले में नए ड्राइविंग स्कूल व फिटनेस सेंटर की स्थापना की जानकारी भी दी।

कलेक्टर जनमेजय महोंबे ने कहा कि केवल पुलिस या परिवहन विभाग की कार्रवाई से ही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक संभव नहीं है। जब तक आम जनता स्वयं जिम्मेदारी नहीं समझेगी और नियमों का पालन नहीं करेगी, तब तक सड़क सुरक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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