भोपाल मेट्रो ट्रेन के उद्घाटन की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, लेकिन इस मौके पर एक अहम ऐतिहासिक तथ्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। मध्य प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ को जाता है।
जब कमलनाथ केंद्र सरकार में मंत्री थे, तभी भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में मेट्रो परियोजना का बीजारोपण हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने न सिर्फ़ भोपाल और इंदौर मेट्रो का शिलान्यास किया, बल्कि पूरी परियोजना का विस्तृत खाका भी तैयार कराया।
सूत्रों और जानकारों के मुताबिक, यदि कमलनाथ सरकार को गिराया न गया होता तो मेट्रो रेल परियोजना अपने निर्धारित समय के भीतर, यानी वर्ष 2022 से पहले ही पूरी हो सकती थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगातार देरी का शिकार होती चली गई।
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल अब ज़ोर पकड़ रहा है कि जिस परियोजना की नींव कांग्रेस सरकार के दौरान रखी गई, उसका उद्घाटन कर श्रेय लेने की होड़ में भाजपा लगी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा को इस परियोजना में देरी करने और कमलनाथ सरकार के कार्यों पर सिर्फ़ फीता काटने का श्रेय ही जाता है।
भोपाल मेट्रो सिर्फ़ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि यह प्रदेश के शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसे में इसके वास्तविक सूत्रधारों के योगदान को याद रखना और स्वीकार करना भी उतना ही ज़रूरी है।







