रायपुर। देशभर में हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) द्वारा लगातार उड़ानें रद्द किए जाने से नाराज यात्रियों के बीच अब कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इंडिगो को एक सख्त कानूनी नोटिस भेजते हुए कंपनी पर ₹9,000 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाने की मांग की है। सोसायटी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखकरDGCA से इस मामले की अलग से विशेष जांच बिठाने की अपील की है।
नोटिस में क्या है खास?
सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी द्वारा भेजे नोटिस में कहा गया है कि इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करना केवल “ऑपरेशनल समस्या” नहीं, बल्कि यात्रियों के अधिकारों और भारतीय एयरलाइन नियमों का खुला उल्लंघन है।
यात्रियों को भारी नुकसान — मनमानी पर सवाल
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइन ने बिना पूर्व सूचना और बिना ठोस वजह बताए हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को अचानक ठप कर दिया, जिससे कई लोगों को होटल, वैकल्पिक टिकट, मेडिकल जरूरतों और आपातकालीन ट्रैवल में भारी खर्च उठाना पड़ा।
प्रभावित लोगों में वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएं से लेकर गंभीर मरीज तक शामिल हैं, जिन्हें इंडिगो के इस फैसले के चलते मानसिक तनाव और आर्थिक हानि झेलनी पड़ी।
DGCA दिशानिर्देशों का उल्लंघन
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने इंडिगो की कार्रवाई को भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और DGCA गाइडलाइंस का गंभीर उल्लंघन बताया है।
सोसायटी ने नोटिस में इंडिगो को प्रत्येक प्रभावित यात्री को टिकट मूल्य का कम से कम 10 गुना मुआवजा तथा वैकल्पिक यात्रा, होटल और मेडिकल खर्चों की पूर्ण प्रतिपूर्ति 5 कार्य दिवस के भीतर करने का आदेश दिया है।
सोसायटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एयरलाइन समय पर संतोषजनक जवाब नहीं देती तो सामूहिक कानूनी कार्रवाई (Class Action) शुरू की जाएगी।







