रायपुर।बागबाहरा विकासखंड के बोढरी–दादर पंचायत अंतर्गत सोनभाठा गांव में रहने वाले 58 वर्षीय किसान मनबोध गांडा की पीड़ा एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
जानकारी के अनुसार, लगातार 3–4 दिनों तक सोसाइटी के चक्कर काटने के बावजूद टोकन नहीं मिलने से हताश होकर किसान मनबोध गांडा ने ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर अवस्था में पहले उन्हें महासमुंद जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किसान की इस दर्दनाक स्थिति की जानकारी मिलने पर छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। मोर्चा के ऑफिस सचिव ने किसान के बेटे, छोटे भाई और बेटी से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
राज्य आंदोलनकारी एवं छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे के निर्देश पर किसान मनबोध गांडा के इलाज हेतु जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अस्पताल में उनके साथ रह रहे परिजनों के लिए भोजन की नियमित सुविधा भी सुनिश्चित कर दी गई है।
किसान मोर्चा ने परिजनों से कहा है कि किसी भी अन्य आवश्यकता या असुविधा की स्थिति में वे हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में संपर्क कर सकते हैं।
यह घटना केवल एक किसान की व्यथा नहीं, बल्कि ग्रामीण व्यवस्थाओं की खामियों और किसान की मजबूरी को दर्शाती है, जहां मदद मिलने में देर उसकी जान पर भारी पड़ जाती है।







