महासमुंद। तुमगांव क्षेत्र में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसान संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान पर सीधा आघात बताया है। इसी मुद्दे पर विरोध को तेज़ करते हुए छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे ने 03 दिसंबर 2025 को शाम 4 बजे लोहिया चौक में एक बड़ी बैठक आयोजित की है जिसका नेतृत्व वे खुद करेंगे।
किसान मोर्चा का कहना है कि राष्ट्रीय राज्यमार्ग-53 किनारे लगभग 60 फीट दूरी पर स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को बिना किसी ठोस कारण के प्रशासन ने अचानक हटवा दिया। आरोप है कि यह कार्रवाई अवैध करणी कृपा स्टील एवं पावर लिमिटेड प्लांट के दबाव में की गई, जिसके खिलाफ लंबे समय से किसान विरोध कर रहे हैं।
मोर्चा का कहना है कि प्लांट की गतिविधियाँ अवैध रूप से हाईवे क्षेत्र में संचालित हैं और इससे किसानों की फसल, आसपास का जंगल, वन्यजीवन और मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इसी दौरान प्रतिमा हटाने का निर्णय लिया गया, जिससे ग्रामीणों और किसान संगठनों में भारी आक्रोश है।
छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने महासमुंद के व्यापारी संघ, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में बैठक में शामिल होकर महतारी के सम्मान की लड़ाई में अपनी भूमिका निभाएँ। मोर्चा का उद्देश्य है कि सामूहिक विरोध के माध्यम से प्रशासन को संदेश दिया जाए कि छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान प्रदेशजन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।


