छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर आपत्ति क्यों? सीएम से सवाल

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में राज्य आंदोलनकारी छसपा और संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हुई। बैठक में प्रदेश नेता अनिल दुबे, जागेश्वर प्रसाद, चेतन देवांगन, शिव ताम्रकार, श्यामू राम सेन, गंगाराम साहू, रितु महंत और अंकित साहू सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य मुद्दा था—महासमुंद में सरकारी भूमि से हटाई गई छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि महज 60 फीट स्क्वायर शासकीय भूमि पर स्थापित प्रतिमा को प्रशासन ने हटवा दिया, जबकि दूसरी ओर करीब 50 एकड़ सरकारी, काबिल काश्त एवं आदिवासी भूमि पर चल रहे अवैध करणी कृपा उद्योग पर चार वर्षों से चल रहे विरोध और ज्ञापन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

किसानों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को हटाना छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता का अपमान है। आंदोलन का विरोध करने पर कई गांवों के किसानों और ग्रामीणों को जेल भेजे जाने से अंचल में गहरा आक्रोश फैल गया है।

बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया—
किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, छात्र-युवा और राज्य आंदोलनकारी मिलकर छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को लेकर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में महासमुंद पहुंचेंगे और सीधा सवाल करेंगे
“महतारी की प्रतिमा पर आपत्ति क्यों? और सरकार जवाब दे।”

साथ ही निर्णय हुआ कि प्रतिमा के सम्मान में जगह-जगह सभाएं, यात्राएं और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

इसी कड़ी में जागेश्वर प्रसाद (प्रवक्ता,किसान मोर्चा) ने कहा 3दिसंबर को शाम 4 बजे महासमुंद के लोहिया चौक में बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें किसान, व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल होंगे।

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