छत्तीसगढ़ में ठंड ने इस बार नवंबर का पूरा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अंबिकापुर में तापमान गिरकर 6.9°C तक पहुंच गया, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान माना जा रहा है। अचानक बढ़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाल दिया है। सुबह-सुबह बाजारों में सन्नाटा दिखा, वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को तेज ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घने कोहरे ने हालात और चुनौतीपूर्ण बना दिए। सुबह से छाए कोहरे ने विजिबिलिटी सिर्फ 100 मीटर तक सीमित कर दी। कम दूरी की दृश्यता के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी से चलना पड़ा। कई जगह यातायात की रफ्तार धीमी देखी गई और दिन में भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
इधर मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई जिलों में भी रात का पारा 3-4 डिग्री तक लुढ़क गया है। सरगुजा संभाग में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और ठंडी हवाओं का असर अगले 24 घंटे तक जारी रहने की संभावना है।



