उत्तरप्रदेश अयोध्या 25 नवंबर को एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे। कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा, सजावट और व्यवस्थाओं की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरा शहर रोशनी से जगमग़ है और मुख्य मार्गों से लेकर मंदिर परिसर तक सजावट दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर साकेत महाविद्यालय में लैंड करेगा, जहां से वे रोड शो की शुरुआत करेंगे। यह रोड शो करीब ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग से होकर राम मंदिर के शंकराचार्य प्रवेश द्वार तक पहुंचेगा। रूट पर अवधी विश्वविद्यालय और साकेत महाविद्यालय के लगभग 1000 छात्र-छात्राएं फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। प्रशासन ने इस मार्ग पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।
मंदिर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री रामलला और राम दरबार में आरती करेंगे। ध्वजारोहण के पश्चात वे सप्त मंदिर परकोटा और शेषावतार मंदिर का भी भ्रमण कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, ध्वज निर्माण करने वाले कश्यप मेवाड़ा से भी प्रधानमंत्री की मुलाकात की संभावना है
कार्यक्रम से एक दिन पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। रविवार को सेना का हेलीकॉप्टर करीब 20 मिनट तक अयोध्या के आसमान में मंडराता रहा और राम जन्मभूमि परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं। पांच कंपनियों की RAF भी तैनात की गई है।
वीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं। नगर के प्रमुख मार्गों पर यातायात में बदलाव लागू किया गया है। फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीमों और मॉनिटरिंग यूनिट्स को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। साइबर टीम सोशल मीडिया पर गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर नजर बनाए हुए है।
पंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हर तरफ सुरक्षा बलों की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां तेज़ी से अंतिम चरण में हैं और पूरा अयोध्या त्योहार के माहौल में डूबा नजर आ रहा है।







