दुर्ग-बालोद रेलमार्ग से जुड़ी दो महत्वपूर्ण समपार फाटक—बोरसी गेट और जुनवानी गेट—अब इतिहास बनने जा रहे हैं। रायपुर रेल मंडल ने इन दोनों फाटकों को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। रेलवे का यह कदम बढ़ते यातायात और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
रेलवे के अनुसार, जुनवानी गेट (DD-40) को 15 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि से स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा, जबकि बोरसी गेट (DD-05) को 25 नवंबर 2025 से हमेशा के लिए सील कर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर यात्रियों और वाहनों की सुविधा के लिए पहले से ही नए रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे अब आवागमन निर्बाध रूप से हो सकेगा।
यह निर्णय दुर्ग, मरौदा, गुंडरदेही और आसपास के हजारों दैनिक यात्रियों को प्रभावित करेगा। हालांकि, नए अंडरब्रिज के निर्माण से इस क्षेत्र में आवागमन पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। इससे रेल लाइन पर संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा और यातायात का प्रवाह भी सुचारू बना रहेगा।
रेल अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए रोड अंडर ब्रिज बनाना एक दीर्घकालिक समाधान है। यह न केवल दुर्घटनाओं को रोकेगा, बल्कि रेलवे और सड़क दोनों के यातायात को राहत भी देगा।
इस प्रकार, दुर्ग-बालोद क्षेत्र में यह कदम विकास और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से अहम साबित होगा। नई व्यवस्था से लोगों को शुरुआत में थोड़ी असुविधा जरूर होगी, लेकिन दीर्घकाल में यह बदलाव सुरक्षित, तेज़ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।


