राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में रायपुर में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ठोस और पारदर्शी रणनीति अपनाई जाए। विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में मलेरिया के हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में समयबद्ध कार्रवाई और सघन स्वास्थ्य जांच से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 प्रतिशत अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जाए, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। इसके अलावा गर्भवती माताओं और बच्चों के टीकाकरण सत्रों को निर्धारित तिथियों पर अनिवार्य रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक मातृ मृत्यु के मामलों में मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा सके।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ही “स्वस्थ छत्तीसगढ़” का आधार हैं। जब राज्य के नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी “सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।



