छत्तीसगढ़ में मानसून का अंतिम चरण चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अभी भी सक्रिय बादलों के कारण बारिश हो रही है। बीते 24 घंटों में अंता्गढ़ में 100 मिमी, मैनपुर में 70 मिमी और लोहंडीगुड़ा में 60 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि Bay of Bengal में बने कम दबाव क्षेत्र के कमजोर होते ही मानसून धीरे-धीरे पीछे हटने लगा है।
अब यह मानसून पूर्वी मध्य भारत से पूरी तरह लौटने की दिशा में है। अगले दो से तीन दिनों में रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा समेत उत्तर व मध्य छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई हो जाएगी। इस बार मानसून ने प्रदेश में करीब चार महीने तक सक्रिय रहकर सामान्य से अधिक वर्षा दी।
जैसे ही मानसून लौटेगा, प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। उत्तर-पूर्वी ठंडी हवाओं के आगमन से सुबह और शाम के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की कमी हो सकती है। इस बदलाव का असर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक पूरे प्रदेश में महसूस किया जाएगा।
उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अब बारिश की गतिविधियां लगभग थमने लगी हैं और शुष्क मौसम की संभावना है। हालांकि बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और सुकमा जैसे दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार अभी भी बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, मानसून की विदाई के साथ अब गर्मी कम होगी और सुबह-शाम में हल्की ठंडक का अहसास पूरे प्रदेश में बढ़ने लगेगा।







