मौसम बदलते ही बढ़ा सर्दी-जुकाम का खतरा? इन घरेलू उपायों से बिना दवा के पाएं आराम

Madhya Bharat Desk
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मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम और खांसी के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। सुबह-शाम की ठंडी हवाओं और दिन के गर्म तापमान से शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

अक्तूबर के शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई राज्यों में यह बदलाव साफ नजर आने लगा है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।

H3N2 फ्लू का खतरा
पिछले महीने दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में H3N2 फ्लू के मामले सामने आए। इस वायरस से तेज बुखार, सिर-दर्द, बदन दर्द, गले में खराश और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। सर्वे के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लगभग 50-70% घरों में यह संक्रमण देखा गया।

सर्दी-जुकाम में क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार दवा लेने की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान घरेलू उपायों से भी राहत पाई जा सकती है।

  • दूध में काली मिर्च: दूध में एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पीने से खांसी-जुकाम और मौसमी संक्रमण से बचाव होता है। काली मिर्च में पिपेरिन कंपाउंड होता है जो पाचन सुधारने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।

  • तुलसी-काली मिर्च चाय: 5-6 तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च उबालकर दिन में एक या दो बार पीने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है।

  • अदरक-शहद मिश्रण: आधा चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार लेने से गले की सूजन और खांसी कम होती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नवीन चंद्र जोशी के अनुसार, काली मिर्च में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। रात में सोने से पहले इसका सेवन करना सबसे बेहतर है, लेकिन अधिक मात्रा से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

इन आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप इस मौसम में सर्दी-जुकाम से बच सकते हैं और बिना दवा के भी आराम पा सकते हैं।

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