प्यार की कोई उम्र नहीं होती — इसे सच कर दिखाया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग और 45 वर्षीय महिला ने। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और एक-दूसरे के साथ जिंदगी बिताने का फैसला लिया। करवाचौथ से ठीक एक दिन पहले दोनों ने शिव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए और शादी के बंधन में बंध गए।
मंदिर में सजावट, फूलों की खुशबू और पारंपरिक संगीत के बीच जब बुजुर्ग दूल्हा मूंछों पर ताव देते हुए बारात लेकर पहुंचा तो माहौल में जोश और उत्साह छा गया। दुल्हन ने लाल जोड़े में पारंपरिक अंदाज में मंडप में प्रवेश किया। वरमाला की रस्म से लेकर मांग भरने तक सभी परंपराओं को पूरे रीति-रिवाज से निभाया गया।
इस शादी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरा मोहल्ला बाराती बनकर शामिल हुआ। लोगों ने ढोल-नगाड़ों पर नाचते हुए जोड़े को शुभकामनाएं दीं। शादी के बाद मिठाइयों का वितरण हुआ और बुजुर्ग दूल्हे-दुल्हन की मुस्कान ने सभी का दिल जीत लिया।
यह शादी इस बात की मिसाल बनी कि प्यार न उम्र देखता है और न समाज की बंदिशों को मानता है। करवाचौथ से पहले हुई इस शादी में दुल्हन अब पति की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखेगी। इस अनोखी प्रेम कहानी की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इस जोड़े की हिम्मत और प्यार की मिसाल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।



