रायपुर में शुक्रवार को जनसंपर्क विभाग में एक बड़ा विवाद सामने आया है। अपर संचालक संजीव तिवारी पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर खुद को पत्रकार बताकर उनके चैंबर में घुसे और पहले झूमाझटकी की, फिर धमकाते हुए तोड़फोड़ भी की। हमलावरों ने तिवारी के घर में घुसकर नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने राज्य के मुख्यमंत्री से कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। संघ का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी के साथ इस तरह की अभद्रता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानून व्यवस्था पर सीधा हमला है। अधिकारी संघ ने कहा है कि पत्रकारिता के नाम पर असामाजिक तत्व गुंडागर्दी कर रहे हैं और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने इस घटना को योजनाबद्ध साजिश बताते हुए नए रायपुर के राखी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक अधिकारी पर हमला नहीं है बल्कि पूरे जनसंपर्क विभाग की गरिमा पर चोट है। विभाग समाज और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करता है, ऐसे में अधिकारी पर इस तरह का हमला गंभीर मामला है।
अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि पत्रकारिता की आड़ में कानून को हाथ में लेने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का दुस्साहस न कर सके। इस घटना के बाद विभाग में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है और अधिकारियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।



