राजधानी रायपुर में सीबीआई टीम राज्यश्रोत (निःशक्तजन) संस्थान (SRC) से जुड़े दस्तावेज जब्त करेगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश के कई IAS अफसरों के बनाए गए NGO में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं और गबन हुआ है। सीबीआई इस मामले में अब सक्रिय हो गई है। भोपाल में दर्ज FIR को रायपुर सीबीआई यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है।

सीबीआई टीम शुक्रवार को समाज कल्याण संचालनालय पहुंची थी, जहां संचालक को आवश्यक दस्तावेजों की सूची सौंपी गई थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संचालक ने सोमवार को सभी संबंधित दस्तावेज सीबीआई को सौंपने की सहमति दी है। सूत्रों का कहना है कि SRC से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं, जिससे जांच और गंभीर हो गई है।

FIR में तत्कालीन मंत्री रेणुका सिंह का नाम नहीं
5 फरवरी 2020 को भोपाल सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में तत्कालीन अफसर विवेक ढांढ, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीष पांडेय, पीपी सोती, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा के नाम शामिल हैं। हालांकि, 2004 में समाज कल्याण मंत्री रहीं रेणुका सिंह का नाम एफआईआर में नहीं है, जबकि NGO की प्रबंध समिति में उनका नाम सबसे ऊपर दर्ज है और उनके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इतने वर्षों तक SRC में वित्तीय गड़बड़ी कैसे होती रही और उसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी।







