चारधाम यात्रा एक बार फिर नए कीर्तिमान की ओर बढ़ रही है। आपदा और मौसम की चुनौतियों के बावजूद इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। अब तक चारधाम और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 46 लाख पार कर गया है। जबकि पिछले वर्ष पूरे यात्रा सीजन में कुल 48 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कही जाने वाली चारधाम यात्रा इस साल 30 अप्रैल से शुरू हुई थी। बारिश, अतिवृष्टि, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने यात्रा को कई बार प्रभावित किया। यहां तक कि उत्तरकाशी के धराली व हर्षिल क्षेत्र में आपदा के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा पूरी तरह बाधित रही। हालांकि मौसम साफ होने के बाद यात्रा ने फिर से रफ्तार पकड़ ली।
वर्तमान में चारधामों में प्रतिदिन 14 से 15 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल के आंकड़े के करीब पहुंच चुकी है।
पंजीकरण ने छुआ 57 लाख का आंकड़ा
30 अप्रैल से 3 अक्टूबर तक चारधाम यात्रा के लिए कुल 57.29 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें से अब तक 46 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को यात्रा के लिए 1900 ऑफलाइन पंजीकरण भी किए गए।
पिछले साल की तुलना में श्रद्धालुओं का आंकड़ा
धाम 2024 2025 (2 अक्टूबर तक)
- केदारनाथ 16,51,880 16,08,744
- बदरीनाथ 14,35,401 14,20,518
- गंगोत्री 8,18,273 7,07,501
- यमुनोत्री 7,14,779 6,06,106
- हेमकुंड साहिब 1,83,592 2,68,208
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। इस बार भी यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बनाएगी। साथ ही, इस आंकड़े को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया जाएगा।







