आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) अपनी 25वीं वर्षगांठ (सिल्वर जुबली) मना रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर न्यायालय परिसर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें न्यायिक और राजनीतिक प्रतिमाएं उपस्थित होंगी। यह समारोह न्यायालय की स्थापनाकाल से लेकर अब तक की यात्रा, उसकी उपलब्धियों व चुनौतियों को याद करने का एक अवसर होगा।
समारोह की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी और यह लगभग दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल रेमन डेका द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय स्तर से इस अवसर पर केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि होंगे। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
न्यायिक प्रतिनिधियों में विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायमूर्ति — सूर्यकांत, जे. के. माहेश्वरी एवं प्रशांत कुमार मिश्रा — अतिथि के रूप में शामिल होंगे। न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा (भारी न्यायालय के चीफ जस्टिस) स्वागत भाषण देंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के तीनों जज एक विशेष संबोधन देंगे।
समारोह में दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रीय गान तथा धन्यवाद ज्ञापन जैसी कार्यक्रम-संभव गतिविधियाँ होंगी। अंत में न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन पेश किया जाएगा और पूरे आयोजन का समापन राष्ट्रीय गान के साथ होगा।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक सभा नहीं है, बल्कि यह न्यायपालिका की सेवा, उसकी प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा को रेखांकित करने का एक अवसर है। 25 वर्षों की अवधि में अदालत ने अनेक मुकदमों का निस्तारण किया, न्याय पहुंचाने में अपना योगदान दिया और सार्वजनिक विश्वास स्थापित किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न्याय व्यवस्था की स्थिरता, न्यायाधीश और कर्मचारियों का समर्पण, और जनता के प्रति न्याय के महत्व को उजागर किया जाएगा।
अतः आज का दिन सिर्फ एक औपचारिक वर्षगाँठ नहीं, बल्कि न्याय की प्रतिष्ठा, अधिकारों की रक्षा और विधिक संस्थानों की गरिमा को पुनः पुष्टि करने का दिन है।



