नेपाल में 9 सितंबर को भड़के ‘जेन-जी आंदोलन’ की हिंसा में पूर्व प्रधानमंत्री झाला नाथ खनल की पत्नी रवि लक्ष्मी चित्रकार बुरी तरह से झुलस गई थीं। नेपाल में प्रारंभिक इलाज के बाद अब उन्हें बेहतर उपचार के लिए नई दिल्ली लाया गया है।
काठमांडू के दल्लू इलाके में उग्र भीड़ ने खनल के घर में आग लगा दी थी। इस दौरान चित्रकार 15 प्रतिशत तक जल गई थीं और कीर्तिपुर के बर्न अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
परिवार के अनुसार, उनका बायां हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और धुएं के कारण फेफड़ों में संक्रमण फैल गया, जिससे उन्हें गंभीर सांस की समस्या हो गई थी। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें भारत भेजा गया।
गौरतलब है कि खनल फरवरी से अगस्त 2011 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे थे।
कैसे भड़की थी हिंसा
सरकार द्वारा फेसबुक और यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काठमांडू में कर्फ्यू और भारी सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए सिंह दरबार, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति आवास और शीर्ष नेताओं के घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की।
सिंह दरबार, जहां प्रधानमंत्री और मंत्रियों के दफ्तर थे, पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसके अलावा पीएम ओली, पूर्व पीएम प्रचंड, संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक, ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का और कांग्रेस महासचिव गगन थापा तक के घरों को भी निशाना बनाया गया। अब तक इस हिंसा में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।







