नंदानगर (चमोली) – नंदाकिनी और चुफला नदी के संगम पर शुक्रवार का दिन बेहद भावुक रहा। सुबह से एक के बाद एक जलती चिताओं को देखकर हर किसी की आंखें नम हो उठीं। चमोली जिले में आई भीषण आपदा के बाद राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है।

फाली लगा कुंतरी क्षेत्र से शुक्रवार को मलबे से पांच शव निकाले गए। अब तक लापता 10 लोगों में से सात के शव बरामद हो चुके हैं जबकि एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया। धुर्मा गांव के दो लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सभी शव परिजनों को सौंपकर नंदाकिनी-चुफला संगम पर अंतिम संस्कार किया गया।

बृहस्पतिवार को नरेंद्र सिंह और जगदंबा प्रसाद के शव बरामद हुए थे। शुक्रवार सुबह सबसे पहले नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। बाद में उनकी पत्नी भागा देवी का शव भी बरामद हुआ तो दोनों पति-पत्नी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद अन्य पीड़ितों का भी संगम स्थल पर अंतिम संस्कार हुआ।

इस भीषण त्रासदी के बीच जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार प्रभावित परिवारों से मिल रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि धुर्मा गांव में हेलिकॉप्टर से खाद्यान्न पैकेट व राशन किट भेजी जा रही हैं ताकि किसी भी परिवार को भोजन की कमी न हो।

सड़कें टूटने से आवाजाही बाधित है, जिन्हें दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। वहीं, मरिया आश्रम में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों ने ठहरे लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

शुक्रवार को मिले शव
- कांता देवी पत्नी कुंवर सिंह (38)
- विकास (10 वर्ष)
- विशाल (10 वर्ष)
- भागा देवी पत्नी जगदंबा प्रसाद (65)
- देवेश्वरी देवी
बृहस्पतिवार को बरामद शव
- नरेंद्र सिंह पुत्र कुताल सिंह (40)
- जगदंबा प्रसाद पुत्र ख्याली राम (70)
धुर्मा में अभी भी लापता
- गुमान सिंह पुत्र चंद्र सिंह (75)
- ममता देवी पत्नी विक्रम सिंह (38)



