“जीएसटी सुधारों से आम जनता को बड़ी राहत – सस्ता हुआ रोजमर्रा का खर्च”

Madhya Bharat Desk
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भारत में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद से समय-समय पर इसमें सुधार किए जाते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों ने देश के करोड़ों नागरिकों को राहत दी है। इन सुधारों के चलते अब आम आदमी के जीवन-यापन का खर्च काफी कम हो गया है और व्यापार जगत में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

पहले जहां कांग्रेस शासनकाल में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे, वहीं अब जीएसटी की सरल प्रणाली ने कर-प्रणाली को पारदर्शी बना दिया है। 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद निरंतर सुधारों से यह और अधिक सहज हुआ है। हाल के बदलावों में जीएसटी स्लैब को सरल किया गया है और चार स्लैब की जगह अब केवल दो स्लैब रखे गए हैं। साथ ही कई आवश्यक वस्तुओं पर कर में कटौती कर उन्हें करमुक्त कर दिया गया है।

इन सुधारों से आम जनता को सीधा लाभ मिला है। तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, ट्रैक्टर और उसके कलपुर्जे, सिलाई मशीन, स्वास्थ्य व जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुएं और कई इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑटोमोबाइल उत्पाद अब पहले की तुलना में काफी सस्ते हो गए हैं। इससे न केवल घरेलू बजट में बचत हो रही है बल्कि निर्यात उद्योग को भी नई गति मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से एक औसत परिवार को हर वर्ष लगभग 50 हजार रुपए तक की बचत होगी। यही नहीं, कर प्रणाली के सरलीकरण से व्यापारियों को भी अपना कार्य और अधिक आसानी से करने में सुविधा होगी।

अंततः कहा जा सकता है कि जीएसटी सुधार न केवल कर प्रणाली को आसान बना रहे हैं बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रहे हैं। इससे भारत का नागरिक जीवन अधिक खुशहाल और व्यापारिक जगत अधिक सशक्त हो रहा है।

 

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