नई दिल्ली।व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की विवादित टिप्पणी पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह गलत और आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि भारत-अमेरिका संबंध आपसी सम्मान, साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं और इस तरह की टिप्पणियां रिश्तों को प्रभावित नहीं कर सकतीं।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम जयसवाल ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा हितों और मजबूत जनस्तरीय संबंधों पर आधारित है। यह साझेदारी समय-समय पर आई चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी रही है। हम दोनों देशों के बीच तय महत्वपूर्ण एजेंडे पर केंद्रित हैं और हमें विश्वास है कि आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर यह रिश्ता और आगे बढ़ेगा।”
नवारो की विवादित टिप्पणी
डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले नवारो ने भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर हमला बोला था। उनका कहना था कि रूस से कच्चा तेल खरीदने और पुनः बेचने से भारत भारी मुनाफा कमा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह विवादित दावा भी किया कि भारत में सिर्फ “ब्राह्मण” ही इस कारोबार से फायदा उठा रहे हैं और बाकी भारतीयों को इसे रोकना चाहिए।
अमेरिका-भारत संबंधों पर असर नहीं
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अपनी ऊर्जा नीतियां और रणनीतिक फैसले पूरी तरह राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लेता है। नवारो के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्रालय ने साफ किया कि भारत और अमेरिका के संबंध दीर्घकालिक साझेदारी पर टिके हुए हैं, जिन्हें ऐसे बयानों से कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।



