रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस पिछले तीन महीनों में ड्रग्स तस्करों से लेकर साइबर ठगों तक 380 से ज्यादा अपराधियों को जेल भेज चुकी है। लेकिन राजधानी रायपुर के कुख्यात तोमर ब्रदर्स (वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर) अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों भाइयों के खिलाफ जून महीने में ही मारपीट, वसूली, सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराधों के सात केस दर्ज हुए थे। इसके बावजूद हाईटेक कही जाने वाली रायपुर पुलिस इन दोनों को पकड़ने में नाकाम रही है।
पुलिस की कार्रवाई, लेकिन तोमर ब्रदर्स गायब
पंजाब से ड्रग्स तस्करों को पकड़कर लाने वाली पुलिस, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र से साइबर ठगों को गिरफ्तार करने वाली टीमें, रायपुर के इन कुख्यात आरोपियों तक पहुंचने में नाकाम रही हैं। आरोप है कि तोमर ब्रदर्स को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और दोनों एमपी में छिपे हुए हैं।
वीरेंद्र सिंह तोमर पर दर्ज केस
- 2006: आजाद चौक थाना – कारोबारी पर चाकू से हमला
- 2010: गुड़ियारी – पैसों को लेकर मारपीट
- 2013: हत्या का केस
- 2016: पुरानी बस्ती – मारपीट
- 2017: भाठागांव – महिला को जान से मारने की धमकी
- 2019: धोखाधड़ी और कूटरचना, ब्लैकमेलिंग
रोहित तोमर पर दर्ज केस
- 2015: महिला ने अप्राकृतिक कृत्य का केस दर्ज कराया
- 2016: युवक से मारपीट का मामला
- 2017: महिला से मारपीट और धमकी
- 2018: महिला से ब्लैकमेलिंग
- 2019: सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग
पुलिस अधिकारियों के बयान
- अमरेश मिश्रा (IG रायपुर): पुलिस लगातार तलाश कर रही है, मुखबिर और तकनीक की मदद ली जा रही है।
- डॉ. लाल उमेद सिंह (SSP रायपुर): दिल्ली, यूपी और एमपी में छापेमारी की गई, लेकिन आरोपी नहीं मिले।
- दौलतराम पोर्ते (ASP रायपुर पश्चिम): आरोपी शातिर हैं, मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहे।
- राजेश देवांगन (CSP पुरानी बस्ती): आरोपियों के फोन ट्रैक किए गए, लेकिन सभी बंद हैं।
- योगेश कश्यप (TI पुरानी बस्ती): दूसरे राज्यों में भी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों भाइयों की 1500 वर्गफीट की संपत्ति कुर्क की है, 35 लाख कैश, 70 तोला सोना और चार लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी विचाराधीन है, जबकि निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।







