मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने 8 दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया दौरे से रायपुर लौट आए हैं। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने छत्तीसगढ़ में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश करने पर सहमति जताई है। इस निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने उद्योगपतियों और व्यापार संगठनों से मुलाकात कर राज्य की नई औद्योगिक नीति, अनुदान प्रावधान और मजबूत अधोसंरचना के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में स्थापित है और राज्य तेजी से सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री के लौटने पर एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
10 साल का आर्थिक रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ था कि जापान भारत में 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इसमें से छत्तीसगढ़ को भी बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है। इससे एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
भाषा के जरिए निवेशकों से जुड़ाव
जापान के ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ का पवेलियन खास आकर्षण रहा। यहां राज्य की जानकारी जापानी भाषा में दी गई, जिससे निवेशकों तक संदेश पहुंचाना आसान हुआ। इसी तरह, दक्षिण कोरिया में भी कोरियन भाषा का प्रयोग किया गया। दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार ने ICCK के साथ एक समझौता किया, जिसके तहत ICCK राज्य का नॉलेज पार्टनर बनेगा और उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा।







