नई दिल्ली।WhatsApp ने यूजर्स की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नया ‘सेफ्टी ओवरव्यू’ टूल लॉन्च किया है। यह टूल यूजर्स को अनजान ग्रुप्स में जोड़े जाने की स्थिति में न केवल अलर्ट भेजेगा, बल्कि ग्रुप से जुड़े सुरक्षा सुझाव और विकल्प भी देगा।
इस नई सुविधा का उद्देश्य फर्जीवाड़ा, स्कैम और फ्रॉड से बचाव को मजबूत करना है। इसी के तहत WhatsApp ने 2025 की पहली छमाही में 68 लाख स्कैम खातों को बैन कर दिया है।
ग्रुप अलर्ट और एग्जिट का विकल्प
जब कोई यूजर किसी अनजान ग्रुप में जोड़ा जाता है, तो WhatsApp उन्हें तुरंत सूचना देगा। यूजर चाहें तो ग्रुप चैट खोले बिना ही उसमें से एग्जिट कर सकते हैं। यह फीचर उन यूजर्स के लिए खास है जो अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहते हैं।

नए चैट पर पहचान दिखेगी
WhatsApp जल्द एक ऐसा फीचर भी लाने जा रहा है जिससे अगर कोई नया या अनजान व्यक्ति चैट करता है, तो यूजर को उसकी पहचान से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलेगी। इससे यूजर फैसला कर सकेगा कि वह बातचीत जारी रखना चाहता है या नहीं।
स्कैम नेटवर्क्स पर कड़ा प्रहार
WhatsApp ने बताया कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया में स्कैम नेटवर्क्स और जबरन श्रम के जरिए संचालित अपराध गिरोहों पर नजर बनाए हुए है। 2025 के शुरुआती 6 महीनों में ही 68 लाख स्कैम अकाउंट्स को हटाया जा चुका है।
Meta और OpenAI की साझेदारी से कार्रवाई
WhatsApp, Meta और OpenAI ने मिलकर एक बड़े फ्रॉड नेटवर्क को उजागर किया, जो कंबोडिया से संचालित हो रहा था। यह गिरोह WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर लोगों को झूठे निवेश और रिवॉर्ड स्कीमों में फंसा रहा था।
ChatGPT के जरिए फर्जी स्कीम
OpenAI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कैमर्स ने ChatGPT का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करने वाले फर्जी संदेश बनाए। पहले WhatsApp से संपर्क किया गया, फिर उन्हें Telegram और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ले जाकर क्रिप्टो में इन्वेस्टमेंट के लिए उकसाया गया।
WhatsApp का सख्त संदेश
WhatsApp ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में भी यूजर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कैम नेटवर्क्स और फर्जी खातों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता रहेगा।







