छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें बलराम साहू नामक व्यक्ति चर्चा का विषय बन गया है। यह व्यक्ति खुद को ठेकेदारों का “समन्वयक” और एक राजनीतिक दल का “प्रदेश स्तर का नेता” बताता है।
मुख्य विषय:
एक वीडियो में बलराम साहू एक पत्रकार को धमकी देता हुआ नजर आता है। वह कहता है, “खदान में घुसे तो मैं जिम्मेदार नहीं। गड्ढों में कुछ हो गया तो संभाल लेना।” उसने यह भी दावा किया, “मैं सब सेट करके मुस्क निकलता हूं, जो करना है कर लो।” इस बयान से साफ है कि वह अवैध गतिविधियों में खुद की भूमिका को सामान्य बताने की कोशिश कर रहा है।
घटना का विवरण:
स्थानीय पत्रकार सुनीत यादव ने इस घटनाक्रम के दौरान रात में 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस से मदद मांगी, लेकिन तीन घंटे तक कोई सहायता नहीं मिली। यह चिंता का विषय है कि जान का खतरा बताने के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय बना रहा।



