छत्तीसगढ़ के खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र को आज एक बड़ी सौगात मिली है। बस्तर में आयोजित पारंपरिक खेलों के महाकुंभ “बस्तर ओलंपिक” को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गई है। केंद्र सरकार ने इसे “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स” का दर्जा प्रदान किया है, जिससे यह आयोजन अब देशभर में जनजातीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान राज्य के खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और युवाओं को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे।
यह पहल छत्तीसगढ़ के लिए न केवल खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक विकास के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगी। बस्तर जैसे आदिवासी क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है।



