4% के फर्जी बिलों से 28% GST बचा रहे ठेकेदार,फर्जी बिलों से हो रही है करोड़ों की जीएसटी चोरी
रायपुर: छत्तीसगढ़ के डीएमएफ फंड (जिला खनिज फाउंडेशन) से किए जा रहे कामों में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, डीएमएफ फंड के तहत चल रही परियोजनाओं में फर्जी बिलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
4% में मिल रहे हैं फर्जी बिल
सूत्रों की मानें तो जांच में सीमेंट और छड़ जैसे निर्माण सामग्री के लिए 4% में फर्जी बिल खरीदे जा रहे हैं, जबकि इन पर वास्तविक जीएसटी दर क्रमशः 28% और 18% है। यह साफ तौर पर जीएसटी चोरी और फंड के दुरुपयोग का मामला है।

बाहरी ट्रेडर्स के बिलों का इस्तेमाल
इस घोटाले में एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस जिले में काम हो रहा है, वहां के ट्रेडर्स की बजाय राज्य के विभिन्न दूसरे जिले के ट्रेडर्स के फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ टैक्स की चोरी हो रही है, बल्कि यह भी संदेह पैदा होता है कि इन परियोजनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है।
जांच की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने राज्य सरकार से उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। यह जांच जीएसटी विभाग और ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) द्वारा की जा सकती है। इस घोटाले के उजागर होने से न सिर्फ राज्य के राजस्व को होने वाले नुकसान का पता चलेगा, बल्कि भ्रष्टाचार में लिप्त बड़े अधिकारियों और ठेकेदारों की भी पहचान हो सकेगी। यह खबर सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि डीएमएफ फंड का उद्देश्य स्थानीय समुदायों के विकास में मदद करना है। इस तरह की अनियमितताएं न केवल फंड के मकसद को नाकाम करती हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता पर भी सवाल उठाती हैं।
रवि भगत ने DMF पर उठाए सवाल
पिछले दिनों भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने DMF पैसा जारी नहीं करने को लेकर सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने अपील की थी कि डीएमएफ की राशि गांव में ही खर्च करने के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए, चूंकि सड़क, जल सहित अन्य कई विकास कार्य है, जो इस राशि से काफी हद तक पूरे हो सकते हैं। इस पोस्ट को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा था कि यह सामान्य मांग है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज निधि (DMF) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है. कोरबा जिले से 4 सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. सभी पर करोड़ों की अनियमितता, फर्जी भुगतान, बिना कार्य के राशि निर्गमन और योजनाओं को कागजों पर पूर्ण दिखाकर राशि निकालने जैसे गंभीर आरोप हैं.



