3% अतिरिक्त कमीशन की मांग: भूपेंद्र सिंह सवन्नी पर फिर लगे गंभीर आरोप
रायपुर। भूपेंद्र सिंह सवन्नी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। वर्तमान में क्रेडा (CREDA) के अध्यक्ष पद पर काबिज सवन्नी पर वेंडरों से अतिरिक्त 3% कमीशन मांगने का आरोप लगा है। इसको लेकर कई वेंडरों ने लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से की है, जिसमें उन्होंने धमकी दिए जाने का भी उल्लेख किया है।
यह पहली बार नहीं है जब सवन्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों। रमन सिंह सरकार के दौरान, वे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष थे। उस वक्त भी कमीशनखोरी के आरोपों में वे घिरे रहे। कहा जाता है कि कमीशन के चक्कर में उन्होंने प्रदेश भर में हज़ारों मकान बनवा दिए, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। इन योजनाओं से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।



आखिर क्यों प्रिय रहते हैं विवादित नेता?
भूपेंद्र सिंह सवन्नी के खिलाफ लगातार विवाद और शिकायतों के बावजूद वे सत्ता के करीबी माने जाते हैं। सरकार और संगठन दोनों ही उनके मामलों में आंखें मूंदे रहते हैं, यह देखकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता के बीच भी नाराजगी है। सवाल यह उठता है कि एक ऐसा नेता जो पार्षद बनने की भी क्षमता नहीं रखता, उसे कैबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा क्यों मिला हुआ है?
भाई महेंद्र सिंह पर भी सवाल
भूपेंद्र सिंह सवन्नी के भाई महेंद्र सिंह, वर्तमान में मंडी बोर्ड में एमडी पद पर नियुक्त हैं। आरोप है कि कई योग्य अधिकारियों को दरकिनार कर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। महेंद्र सिंह के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें लंबित हैं, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
राजनीतिक संरक्षण या प्रशासनिक लापरवाही?
सवन्नी बंधुओं के खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त सरकार की कार्यप्रणाली और राजनीतिक संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री और संगठन अब इस पर क्या रुख अपनाते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य आरोपों की तरह फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।



