वाराणसी।सावन के पावन सोमवार को काशी विश्वनाथ और रामेश्वरम तीर्थों के बीच पवित्र जल और रेत के पारंपरिक आदान-प्रदान की ऐतिहासिक प्रक्रिया सम्पन्न हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की ओर से आए प्रतिनिधियों सीआरएम अरुणाचलम और कोविलूर स्वामी से तीर्थजल एवं रेत को विधिपूर्वक ग्रहण किया।
इस दौरान त्रिवेणी संगम का जल और प्रयाग की पवित्र रेत बाबा विश्वनाथ को समर्पित की गई। जवाब स्वरूप रामेश्वरम कोडी तीर्थम का पावन जल काशी को सौंपा गया। दोनों ज्योतिर्लिंगों के बीच यह धार्मिक और सांस्कृतिक समन्वय शास्त्रों की परंपरा को संस्थागत रूप देने का प्रयास है।
विशेष यह रहा कि काशी से भेजा गया जल अब श्रावण मास में रामनाथस्वामी के अभिषेक में उपयोग होगा, जबकि रामेश्वरम से प्राप्त जल से श्रावण पूर्णिमा पर श्री काशी विश्वनाथ का अभिषेक किया जाएगा। साथ ही रामेश्वरम की रेत को प्रयाग की रेत में मिलाना भी शास्त्रों में विशेष महत्व का कार्य माना गया है।
इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ धर्मार्थ कार्य एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी, पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, विश्वनाथ धाम के सीईओ सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
धर्म संघ में पर्यटन सुविधा केंद्र का निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित धर्म संघ शिक्षा मंडल परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा 5.62 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन पर्यटन सुविधा केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 की तय समयसीमा से पहले पूरा किया जाए।
निरीक्षण के बाद योगी ने धर्म संघ मंदिर में दर्शन किए और गौशाला में गायों को गुड़ खिलाकर सेवा की। मौके पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, कमिश्नर एस. राजलिंगम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



