छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक मशरूम फैक्ट्री से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मजदूरों के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। मोजो फूड्स नाम की मशरूम फैक्ट्री में नाबालिग बच्चों सहित कई मजदूरों को जबरन 18-18 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें पीटा गया, धमकाया गया और कैद की तरह फैक्ट्री में ही रखा गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मजदूरों को न सिर्फ बुरी तरह पीटा गया, बल्कि कुछ को ब्लेड से काटा भी गया। खाने के नाम पर उन्हें अधपका और खराब खाना दिया गया। फैक्ट्री प्रबंधन और ठेकेदारों ने किसी की भी शिकायत को अनसुना कर दिया। मजदूरों को न तो बाहर जाने की इजाजत थी, न ही किसी से संपर्क करने की छूट।
मामला तब उजागर हुआ जब कुछ मजदूर किसी तरह भाग निकले और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह मानव तस्करी और बाल मजदूरी से जुड़ा बड़ा रैकेट तो नहीं है।
यह घटना न केवल श्रमिकों के अधिकारों के हनन को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह कुछ उद्योगपतियों और ठेकेदारों की लालच और संवेदनहीनता बच्चों और मजदूरों की जिंदगी को नरक बना रही है। इस गंभीर मामले ने प्रशासन और समाज को झकझोर कर रख दिया है।



