चार दशक बाद भारत ने मानव अंतरिक्ष अभियान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से सकुशल वापसी ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। एक्सिओम-4 मिशन के तहत उनकी वापसी ने भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत अनेक नेताओं ने इस ऐतिहासिक क्षण पर शुभकामनाएं दी हैं। देशभर में वैज्ञानिक समुदाय, युवाओं और आम नागरिकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभांशु का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी अंतरिक्ष यात्रा ने विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने न सिर्फ अंतरिक्ष में भारत की उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि एक अरब से अधिक भारतीयों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है। यह मिशन ‘गगनयान’ की ओर एक मजबूत कदम है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “यह क्षण हर भारतीय के लिए गर्व से भरा है। शुभांशु शुक्ला की यात्रा ने भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई दी है।”
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “उनकी सफलता ने लाखों युवाओं को सपने देखने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा दी है। यह भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान का स्वर्णिम क्षण है।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि को ‘गगनयान’ की दिशा में एक मजबूत कदम बताया और लिखा, “शुभांशु शुक्ला का साहस और समर्पण देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री अतिशी ने कहा, “देश के प्रति आपकी निष्ठा और सेवा से हर भारतीय गर्वित है। आपके जज्बे को सलाम।”
इस ऐतिहासिक सफलता ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर और सशक्त बनाया है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं के लिए नींव तैयार करता है।



