नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने एक अहम कदम उठाते हुए भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ से उनका सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि चंद्रचूड़ जी छह महीने से न्यायपालिका में अपने कार्यकाल के समापन के बाद भी आधिकारिक आवास में रह रहे हैं।
1 जुलाई को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजे गए पत्र में अदालत प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के लिए तय बंगला नंबर-5 को जल्द खाली कराया जाए। उनके द्वारा आवंटन की निर्धारित समयसीमा 10 जून 2025 को समाप्त हो गई है। अब उन्हें अतिरिक्त समय देने का कोई औचित्य नहीं बनता।
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि बंगला खाली करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटियों को शैक्षणिक स्थानांतरण में दिक्कत हो रही थी, इसलिए कुछ और समय लग गया। उन्होंने यह भी कहा कि वैकल्पिक आवास किराये पर ले लिया गया है और जल्द ही स्थानांतरण पूरा कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट जज सेवा नियम, 2022 के तहत, सेवानिवृत्ति के बाद जजों को अधिकतम छह माह तक सरकारी आवास में रहने की अनुमति दी जाती है। चंद्रचूड़ 2024 के नवंबर में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने मई 2025 तक रहने की अनुमति मांगी थी, और अप्रैल तक की मंजूरी भी उन्हें दी गई थी। अब यह मामला सरकार के स्तर पर अंतिम निर्णय की ओर बढ़ रहा है।



