रायपुर में आज आयोजित कांग्रेस के “किसान‑जवान‑संविधान” जनसभा से पहले कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जब रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनका स्वागत पारंपरिक आदिवासी नृत्य के साथ जोरदार हुआ। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता एयरपोर्ट पर मौजूद रहे । स्वागत की यह सांस्कृतिक झलक खड़गे के मुख्यमंत्री बनने के ऐतिहासिक और सामाजिक संदेश को भी दर्शाती है।
वहीं, रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सभा स्थल पर तीन बड़े डोम में पानी भर गया, जिससे व्यवस्था प्रभावित हुई है। बारिश के कारण कार्यकर्ता पानी निकालने और बैठने की व्यवस्था सुधारने में दिनभर जुटे रहे । खड़गे की सभा 12:30 बजे शुरू होनी थी, लेकिन बारिश ने उम्मीद की गई भीड़ जुटाने में चुनौती खड़ी कर दी है।
इस सम्मेलन की तैयारियों में कांग्रेस ने विस्तार से अपना कल‑शुक्रवार का रुख दिखाया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारवार्ता में बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य किसानों, सैनिकों और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सभा 25,000 से अधिक लोगों को सुनने के लिए आयोजित की गई है । इसके अलावा उन्होंने बैठक का समंजय बताया, जिसमें नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की गई है ।
कांग्रेस के रणनीतिक दृष्टिकोण को देखते हुए, यह सभा सिर्फ एक जन‑समूह नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार की नीतियों पर सीधे सवाल खड़े करने की कोशिश भी है। शिक्षण पदों की कटौती, डीएपी उर्वरक की कमी और शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने जैसे मुद्दों की चर्चा कांग्रेस ने मुख्य रूप से की है । पूर्व CM भूपेश बघेल ने भी सभा के दौरान भाजपा की जंगलों की कटाई पर तीखा निशाना साधा ।
इस सभा की तैयारी को लेकर भी संगठन ने खास रणनीति अपनाई। सचिन पायलट ने स्वयं मैदान का दौरा किया और कार्यकर्ताओं को अंतिम दिशा-निर्देश दिए । साथ ही, राज्य में जारी कांग्रेस की राजनीतिक मजबूती तैयार की जा रही है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर है ।
वित्तीय दृष्टिकोण से भी यह सभा कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 1.5 वर्षों में 17 कल्याणकारी योजनाएं बंद कर दीं और ₹37,000 करोड़ का कर्ज उठाया । यह सभा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें पार्टी सत्ता के विरुद्ध अपनी मजबूत बयानबाजियों और जवाबदेही की मांगों को जोरदार तरीके से रखती दिखेगी



