“जब तक जोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं!” — ये नारा हकीकत बन गया जब छत्तीसगढ़ के कवर्धा में जनता ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कवर्धा में विकास की असल तस्वीर तब सामने आई जब रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। महीनों से टूटी सड़कों, गड्ढों से भरे मार्ग और रोजाना हो रही दुर्घटनाओं ने आम जनता को परेशान कर दिया था, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।

इस लगातार हो रही अनदेखी के विरोध में नागरिकों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर, तख्तियां और नारों के साथ लोगों ने “केवल वादे नहीं, अब समाधान चाहिए” की मांग रखी। जन आक्रोश इतना तीव्र था कि प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा और तत्काल मरम्मत कार्य की शुरुआत करनी पड़ी।

अधिकारियों ने मौके पर स्थिति का मुआयना किया और सड़क सुधार की कार्यवाही शुरू की। इस आंदोलन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब जनता संगठित होती है, तो व्यवस्था को झुकना ही पड़ता है।
कवर्धा की जागरूक जनता को इस सफल संघर्ष के लिए बधाई दी जा रही है। यह घटना आम लोगों के अधिकार और ज़िम्मेदार शासन की मांग का प्रतीक बन गई है।



